गांधी आश्रम चौराहा से तेजगढ़ी चौराहे तक के मार्ग निर्माण पर व्यापारियों ने उठाई आपत्ति।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। गढ़ रोड गांधी आश्रम चौराहे से तेज गढ़ी चौराहे तक सी एम ग्रिड योजना के अंतर्गत हो रहे विकास कार्य में खराब गुणवत्ता एवं गलत डिजाइन के संबंध में व्यापारियों ने मंडलायुक्त से मुलाकात की। व्यापारियों ने बताया कि इस कार्य की खराब गुणवत्ता और त्रुटिपूर्ण डिजाइन के कारण स्थानीय व्यापारियों एवं जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर मेट्रो का कोई प्रस्ताव अभी तक स्वीकृत नहीं है। बावजूद इसके अनावश्यक रूप से 18 फुट चौड़े डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है। इससे सड़क की चौड़ाई घटकर कम होगी फलस्वरूप भविष्य में जाम की स्थिति उत्पन्न होगी, व्यापारियों के सामने की पार्किंग सुविधा समाप्त हो जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। 18 फुट का डिवाइडर बनने के बाद उसपर सिर्फ और सिर्फ अतिक्रमण और गंदगी होगी।
उन्होंने बताया कि सड़क के नीचे पानी और गेल गैस की पाइपलाइन हैं। भविष्य में कनेक्शन देने के लिए सड़क को बार-बार खोदना पड़ेगा, जिससे 20 साल की गारंटी वाली सड़क का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन के नीचे पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) नहीं डाली गई है, जिससे भविष्य में ये पाइप धंस सकते हैं और जल निकासी बाधित होगी। अभी तक बिजली के तारों को भूमिगत करने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। पहले ही दो बार सड़क खोदी जा चुकी है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
व्यापारियों ने मांग की कि डिवाइडर की चौड़ाई 2 फुट की जाए अथवा 50-50 मीटर के अंतराल पर वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था की जाए। सड़क निर्माण से पहले पानी और गेल गैस की पाइपलाइन की शिफ्टिंग और बिजली भूमिगत के कार्य पूर्ण किए जाए। इस मार्ग पर एक और पुलिया को तोड़कर चौड़ीकरण किया जाना है, जिसके लिए एक बार में आधी पुलिया बनाई जाए ताकि रोड पर चलने वाला ट्रैफिक बाधित न हो।
इस अवसर परसंयुक्त गढ़ रोड व्यापार समिति के महामंत्री मदन लाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विकास मित्तल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, पंकज जोली, राजेंद्र सिंह, विकास मित्तल, नवीन अग्रवाल, धर्मपाल, विजेंद्र गर्ग, शुभम शर्मा, शोभित गोयल, अजय बजाज, अनिल कुमार, राजीव गुप्ता, अशोक कुमार मित्तल, अक्षय मित्तल आदि रहे।


