- तान्या मोटर्स मालिकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एमडीए पहुंचे अधिवक्ता।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से अवैध निर्माण को शमन योग्य ठहराने का प्रयास, न्यायिक आदेशों की अवहेलना पर अधिवक्ता समुदाय ने शुक्रवार को मेड़ा कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी की यदि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते हुए अधिवक्ताओं ने बताया कि, मेरठ के बच्चा पार्क चौराहे, छिप्पी टैंक क्षेत्र तान्या मोटर्स जिसके मालिक विवेक गर्ग और हर्ष गर्ग है उनके द्वारा आवासीय भूखण्ड पर पूर्णत: व्यावसायिक निर्माण कर, प्राधिकरण से प्राप्त मानचित्र स्वीकृति की आड़ में गंभीर अवैध निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि, इस निर्माण मे नियोजित मानचित्र से हटकर प्रथम एवं द्वितीय तल का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि अवैध बेसमेंट भी बनाया जा रहा है।
इसके साथ ही पड़ोसी की वैधानिक संपत्ति के सेटबैक क्षेत्र पर कब्जा करने जैसे शहरी नियोजन के घोर उल्लंघन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, यह सब उच्चतम न्यायालय और उत्तर प्रदेश शासन के स्पष्ट निदेर्शों के विरुद्ध है, जिनमें यह कहा गया है कि, अगर किसी भी आवासीय क्षेत्र में किए गए व्यावसायिक निर्माण को शमन नहीं किया जा सकता, चाहे निर्माण की लागत कुछ भी हो।
आरोप लगाते हुए कहा कि मेडा के नियोजन विभाग, मुख्य नगर नियोजक (सीटीपी) एवं अन्य अधिकारियों द्वारा क्लोजर फाइल संख्या 19849 के माध्यम से इस अवैध निर्माण को शमन योग्य ठहराने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त फाइल को क्लोज कर अवैध निर्माण पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है, जो कि न्यायालय और शासनादेशों की सीधी अवहेलना है।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से मुलाकात कर तान्या मोटर्स के अवैध निर्माण एवं प्राधिकरण कर्मचारियों की मिलीभगत के विरुद्ध गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो अधिवक्ता समुदाय प्राधिकरण मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
वहीं, अधिवक्ताओं की बात सुनने के बाद उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि, वह इस मामले में उचित जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे। इस दौरान जगदीश प्रसाद, अशोक पंडित, राम कुमार शर्मा, विनोद कुमार काजीपुर, सलाउद्दीन, अरविंद शर्मा, सुशील शर्मा, रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


