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Tuesday, February 17, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutभाजपा सरकार में है लोकतांत्रिक संवाद की अनदेखी: रंजन शर्मा

भाजपा सरकार में है लोकतांत्रिक संवाद की अनदेखी: रंजन शर्मा

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  • प्रमुख सचिव और डीजीपी से समय न मिलने पर बोले कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि आम जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन प्रशासन उन्हें नजर अंदाज कर रहा है। ऐसी ही समस्याओं की बाबत करने के लिए उन्होंने प्रदेश के प्रमुख सचिव और डीजीपी से वार्ता का समय मांगा था। लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। जो साफ बताता है कि भाजपा सरकार लोकतांत्रित संवाद की अनदेखी कर रही है।
मंगलवार को महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, पूर्व अध्यक्ष जाहिद अंसारी, प्रवक्ता हरिकिशन अंबेडकर,सलीम खान आदि नेताओं ने ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल कुछ मुद्दो को लेकर अधिकारियों से मिलना चाहता था। लेकिन उन्हें समय नहीं मिला। अब यह मुद्दे मीडिया के माध्यम से जनता और सरकार तक पहुंचाने की मजबूरी है।

कांग्रेंस नेताओं ने कहा कि आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर शिव भक्त कावड़िया की सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भारी चिंताएं हैं। कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इसके साथ ही जीआईएस सर्वे के नाम नाम नगर निगम ने जो टैक्स बढ़ाया है, वह मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर आर्थिक अत्याचार करार दिया है। यह निर्णय जनविरोधी है और इसे अविलंब वापस लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरठ प्रशासन द्वारा रात 11:00 बजे बाजार बंद कराने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए असुविधाजनक है। यह शहर की अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापारियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कांग्रेस इस आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग करती है।

कांग्रेस नेताओंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई न होती है। समय रहते सफाई न होने से शहर जलभराव की चपेट में है, जिससे नागरिकों को भारी कठिनाइयों और बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। यह नगर निगम की घोर लापरवाही का प्रतीक है। जिससे जनता को भारी परेशानी होती है। इसके साथ ही अतिक्रमण के नाम पर छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के यह कार्रवाई अमानवीय है।

शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाना अनिवार्य है। निजी स्कूलों द्वारा इस कानून की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। निजी स्कूलों पर कोई सख्ती कभी प्रशासन द्वारा नहीं की जाती है। जिससे गरीबों के बच्चे बेहतर शिक्षा से वंचित हैं।

इसके साथ ही यूपी सरकार द्वारा हजारों सरकारी स्कूल बंद करने या मर्ज करने की योजना शिक्षा विरोधी है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है और इसे गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मानती है। यदि उनकी मांग को अब शासन या प्रशासन नजरअंदाज करता है, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलाएगी।

 

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