spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Wednesday, February 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homepolitics newsलोकसभा से विपक्ष के 8 सांसद निलंबित

लोकसभा से विपक्ष के 8 सांसद निलंबित

-

नई दिल्ली: सरकार के शीर्ष सूत्रों ने कहा है कि लोकसभा से निलंबित किए गए 8 सांसदों का निलंबन वापस नहीं होगा। संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा।

लोकसभा से निलंबित विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन वापस नहीं होगा। सरकार के आला सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि लोकसभा का गतिरोध सुलझाने के लिए विपक्ष से बनी सहमति के बावजूद इनका निलंबन वापस नहीं होगा। कांग्रेस के सात और सीपीएम के एक सांसद को तीन फरवरी को निलंबित किया गया था। इनका निलंबन पूरे बजट सत्र के लिए है जो दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन सांसदों ने राहुल गांधी को न बोलने देने के विरोध में जबर्दस्त हंगामा किया था और चेयर पर कागज फाड़ कर फेंके थे। ये सांसद हैं कांग्रेस से मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियकोज, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और सीपीएम के एस वेंकटेशन।

 

 

राहुल गांधी ने गतिरोध सुलझाने के लिए जो चार बातें कही थीं उनमें इनका निलंबन वापस लेना भी था। लेकिन सरकार ने मंगलवार को विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत में स्पष्ट कर दिया कि निलंबन वापस नहीं होगा। इस तरह ये आठों सांसद बजट सत्र के दूसरे हिस्से को दो अप्रैल को समाप्त होने तक लोक सभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसी तरह अगर स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर मतदान की नौबत आती है तो वे उसमें भी भाग नहीं ले सकेंगे।

इसी तरह लोक सभा सचिवालय ने यह भी इशारा दिया है कि लोकसभा स्पीकर के चैंबर में हंगामा करने वाले कांग्रेस के सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। गौरतलब है कि कांग्रेस के कुछ सांसदों ने स्पीकर के चैंबर में इस बात पर बहस की थी कि राहुल गांधी को बोलने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। यही नहीं, इस तीखी बहस का वीडियो भी मोबाइल पर रिकॉर्ड कर मीडिया को दे दिया गया था। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार यह नियमों के विरुद्ध है क्योंकि स्पीकर का चैंबर भी सदन का ही हिस्सा माना जाता है और वहां वीडियो बनाना मना है।

यह विपक्ष के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उसे अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण विपक्ष में आम राय न होना है। दरअसल, चुनावी राज्यों के क्षेत्रीय दल जैसे तृणमूल कांग्रेस और डीएमके चाहते हैं कि वे सदन का उपयोग अपनी बात रखने को करें। यही कारण है कि लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव से टीएमसी ने खुद को दूर रखा। वहीं, बजट पर विपक्ष की ओर से राहुल गांधी के बजाए शशि थरूर बोलें क्योंकि राहुल के खड़े होने पर विपक्ष को फिर से सत्ता पक्ष की ओर से हंगामा होने की आशंका थी।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts